अरविंद सिंह

बाबा हो बाबा की लिखलऽ कपार में

बाबा हो बाबा की लिखलऽ कपार में लिरिक्स सहब कतेक दुःख हम संसार में,सहब कतेक दुःख हम संसार में,बाबा हो बाबा की लिखलऽ कपार में,बाबा हो बाबा की लिखलऽ कपार में,डुबि जेतै दुनिया हमर नोरक धार में,डुबि जेतै दुनिया हमर नोरक धार में,बाबा हो बाबा की लिखलऽ कपार में,बाबा हो बाबा की लिखलऽ कपार में, […]